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VDA बोर्ड ने भूमि संग्रहण नीति ( Land Pooling) को दी मंजूरी — ज़मीन मालिक, नागरिक और शहर तीनों के लिए जीत का सौदा

VDA बोर्ड ने भूमि संग्रहण नीति ( Land Pooling) को दी मंजूरी — ज़मीन मालिक, नागरिक और शहर तीनों के लिए जीत का सौदा

वाराणसी विकास प्राधिकरण की 134वीं बोर्ड बैठक, जो 29 जून 2026 को आयोजित हुई, में एक ऐतिहासिक भूमि संग्रहण नीति (Land Pooling ) को औपचारिक रूप से अनुमोदित किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार की भूमि संग्रहण नीति 2021 के अनुरूप तैयार की गई इस नीति के अंतर्गत ज़मीन मालिक स्वेच्छा से अपनी भूमि VDA को देंगे और बदले में उन्हें विकसित भूखंड वापस मिलेगा — बिना किसी अनिवार्य अधिग्रहण के, बिना कोई विकास शुल्क चुकाए, और बिना किसी कानूनी विवाद के।

नीति दो स्तरों पर काम करती है। 10 एकड़ से कम भूमि देने वाले मालिकों को 30 प्रतिशत पूर्ण विकसित भूखंड वापस मिलेगा, जबकि 10 एकड़ से अधिक योगदान देने वाले बड़े भू-स्वामियों को 50 प्रतिशत अर्ध-विकसित भूमि प्राप्त होगी। दोनों श्रेणियों में भूमि उपयोग परिवर्तन स्वतः हो जाएगा और RERA के अंतर्गत स्पष्ट स्वामित्व सुनिश्चित किया जाएगा। VDA द्वारा वापस किए गए भूखंडों में सड़क, सीवेज, विद्युत अवसंरचना एवं जल निकासी सहित समस्त नागरिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे भूमि मालिक को पूर्णतः तैयार और उपयोग योग्य भूखंड प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त, वापस मिले भूखंड पर नक्शा पास कराते समय लगने वाली विकास शुल्क भी भूमि संग्रहण नीति के अंतर्गत पूर्णतः माफ कर दी गई है, जो इस नीति को और भी अधिक आकर्षक बनाती है।

आर्थिक दृष्टि से यह नीति ज़मीन मालिकों के लिए अत्यंत लाभकारी है। कच्ची कृषि भूमि की तुलना में विकसित भूखंड का बाज़ार मूल्य कई गुना अधिक होता है, और VDA की अवसंरचना के साथ यह अंतर और भी व्यापक हो जाता है। इस नीति की सफलता का प्रमाण यह है कि अब तक 55 एकड़ से अधिक भूमि का संग्रहण किया जा चुका है, जो ज़मीन मालिकों के बढ़ते विश्वास और इस नीति की स्वीकार्यता को दर्शाता है।

यह नीति उत्तर प्रदेश सरकार की भूमि संग्रहण नीति 2021, उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 तथा MoHUA के माडल भूमि संग्रहण अधिनियम 2016 के अंतर्गत संचालित होगी और वाराणसी मास्टर प्लान 2031 के निर्धारित विकास गलियारों — कल्लीपुर में आनंद काशी सिटी, मधनी में रुद्र विहार और गंजारी में स्पोर्ट्स सिटी — में लागू होगी।

VDA के उपाध्यक्ष के अनुसार यह नीति काशी के नियोजित नगरीय विकास में एक निर्णायक मोड़ है — जहाँ ज़मीन मालिक, प्राधिकरण और नागरिक तीनों एक साथ लाभान्वित होते हैं।

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