वाराणसी के चौक-चौराहों पर उभर रही है कला की चमक, विरासत से जुड़ रही है पहचान
वाराणसी विकास प्राधिकरण, वाराणसी
प्रेस -विज्ञप्ति
वाराणसी के चौक-चौराहों पर उभर रही है कला की चमक, विरासत से जुड़ रही है पहचान
वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए), बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (बीएलडब्ल्यू), रेल मंत्रालय तथा संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त प्रयास से शहर के सौंदर्यीकरण की दिशा में एक अभिनव पहल की जा रही है। इस परियोजना के अंतर्गत शहर के प्रमुख चौराहों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर कुल 64 अद्वितीय स्कल्पचर स्थापित किए जाने की योजना है। अब तक 54 स्थानों पर स्कल्पचर स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे शहर के विभिन्न स्थानों पर कला और संस्कृति की नई पहचान उभरती दिखाई दे रही है।
वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री पुर्ण बोरा द्वारा इस परियोजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया गया कि जिन स्थानों पर स्कल्पचर क्षतिग्रस्त या टूट गए हैं, उनकी मरम्मत शीघ्र कराई जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए नाराजगी भी व्यक्त की कि स्थापित कलाकृतियों का समुचित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि शहर की सौंदर्यात्मक छवि प्रभावित न हो।
रीयूज़ और रीसायकल का संदेश
शहर के विभिन्न चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित ये स्कल्पचर केवल सौंदर्यीकरण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और रचनात्मक सोच का भी संदेश दे रहे हैं। इन कलाकृतियों को स्क्रैप एवं अनुपयोगी धातुओं से तैयार किया गया है, जिससे ‘रीयूज़ और रीसायकल’ की अवधारणा को बढ़ावा मिल रहा है। यह पहल इस बात का उदाहरण प्रस्तुत करती है कि कबाड़ समझी जाने वाली वस्तुएं भी कला और रचनात्मकता के माध्यम से उपयोगी और आकर्षक रूप ले सकती हैं।
इन स्कल्पचर में महिला सशक्तिकरण, योग, खेल, मिलेट्स, हस्तशिल्प, पर्यावरण संरक्षण तथा वाराणसी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत जैसे विविध विषयों को दर्शाया गया है। प्रत्येक कलाकृति अपने स्थान के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक या आध्यात्मिक महत्व को अभिव्यक्त करती है, जिससे स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ पर्यटकों को भी उस क्षेत्र की विशेषता को समझने का अवसर मिलता है।
स्थानीय संस्कृति की झलक और भविष्य की योजनाएँ
उपाध्यक्ष श्री पुर्ण बोरा ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत शहर के 64 प्रमुख स्थलों पर स्टोन, फाइबर और मेटल से निर्मित कलाकृतियाँ स्थापित की जा रही हैं। इसके साथ ही संबंधित स्थानों पर लैंडस्केपिंग, हरियाली, साफ-सफाई तथा रात्रि में आकर्षक प्रकाश व्यवस्था की भी व्यवस्था की जा रही है, जिससे शहर का सौंदर्य और अधिक निखरेगा।
यह पहल वाराणसी की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊर्जा प्रदान कर रही है। इन स्कल्पचर के माध्यम से न केवल शहर का सौंदर्य बढ़ रहा है, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण, रचनात्मकता और सतत विकास के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। यह परियोजना वाराणसी को कला, संस्कृति और स्वच्छता के क्षेत्र में एक नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है।
