गुणवत्ता मानकों के उल्लंघन एवं भ्रामक सूचना दिए जाने पर मे0 पी0के0 इन्फ्रास्ट्रक्चर को पांच वर्ष के लिए डिबार किया गया; समस्त निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच अब आई0आई0टी0-बी0एच0यू0 द्वारा
गुणवत्ता मानकों के उल्लंघन एवं भ्रामक सूचना दिए जाने पर मे0 पी0के0 इन्फ्रास्ट्रक्चर को पांच वर्ष के लिए डिबार किया गया; समस्त निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच अब आई0आई0टी0-बी0एच0यू0 द्वारा
वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री पुर्ण बोरा के निर्देश पर प्राधिकरण के समस्त निर्माण कार्यों में निर्धारित गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।
इसी क्रम में सौरभ विहार कॉलोनी, अवलेशपुर में मे0 पी0के0 इन्फ्रास्ट्रक्चर द्वारा कराए जा रहे इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य के निरीक्षण में निर्धारित मानकों के अनुरूप जी0एस0बी0 सामग्री का प्रयोग नहीं किया जाना पाया गया। प्राधिकरण के निर्देश पर फर्म द्वारा उक्त सामग्री हटाकर मानक के अनुरूप जी0एस0बी0 की आपूर्ति की गई।
तत्पश्चात कार्यस्थल पर प्रयुक्त इंटरलॉकिंग टाइल्स की गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई। अनुबंध एवं डी0एस0आर0 दर के अनुसार उक्त कार्य में एम-30 ग्रेड की इंटरलॉकिंग टाइल्स का प्रयोग किया जाना अनिवार्य था तथा प्राधिकरण द्वारा फर्म को एम-30 ग्रेड की ही दर का भुगतान देय था। स्थलीय निरीक्षण के दौरान फर्म द्वारा उपाध्यक्ष महोदय को यह अवगत कराया गया कि कार्य में एम-30 ग्रेड की टाइल्स का ही प्रयोग किया जा रहा है।
फर्म के उक्त कथन पर संदेह होने पर उपाध्यक्ष महोदय द्वारा मौके पर ही इंटरलॉकिंग टाइल्स के प्रयोगशाला परीक्षण (लैब टेस्टिंग) कराए जाने के आदेश दिए गए। प्रयोगशाला परीक्षण में यह प्रमाणित हुआ कि कार्य में एम-30 के स्थान पर एम-25 ग्रेड की इंटरलॉकिंग टाइल्स का प्रयोग किया जा रहा था। इस प्रकार फर्म द्वारा न केवल निर्धारित गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन किया गया, अपितु प्राधिकरण को तथ्यों के विपरीत भ्रामक सूचना भी दी गई।
प्राधिकरण के निर्देश पर फर्म द्वारा कार्यस्थल पर लगाई गई समस्त इंटरलॉकिंग टाइल्स को अपने व्यय पर हटाकर मानक के अनुरूप एम-30 ग्रेड की टाइल्स से पुनः कार्य कराया गया। इसके अतिरिक्त, फर्म द्वारा प्राधिकरण की निविदाओं में निर्धारित शर्तों एवं नियमों का उल्लंघन किए जाने का प्रकरण भी संज्ञान में आया।
उपरोक्त प्रकरणों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए मे0 पी0के0 इन्फ्रास्ट्रक्चर को निर्धारित गुणवत्ता मानकों तथा निविदा की शर्तों एवं नियमों के उल्लंघन का दोषी पाते हुए आगामी पांच वर्षों के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा आमंत्रित की जाने वाली समस्त निविदाओं में प्रतिभाग करने से वंचित (डिबार) किए जाने की कार्रवाई की गई है।
भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति रोकने हेतु उपाध्यक्ष महोदय द्वारा यह व्यवस्था लागू की गई है कि प्राधिकरण के समस्त निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का प्रमाणीकरण अब भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिन्दू विश्वविद्यालय), वाराणसी द्वारा तृतीय पक्ष गुणवत्ता जांच भागीदार (थर्ड पार्टी क्वालिटी चेक पार्टनर) के रूप में कराया जाएगा। बिना आई0आई0टी0-बी0एच0यू0 के गुणवत्ता प्रमाणपत्र के किसी भी कार्य का भुगतान नहीं किया जाएगा।
उपाध्यक्ष महोदय द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्राधिकरण के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा मानकों एवं निविदा शर्तों का उल्लंघन करने वाली फर्मों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
